दारियस खंबाता ने टाटा ट्रस्ट्स छोड़ा, स्वतंत्रता की कीमत का जिक्र किया
दारियस खंबाता टाटा ट्रस्ट्स से अलग हो रहे हैं और उसके दो ट्रस्ट्स में फिर से नियुक्ति के लिए आवेदन नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता की एक कीमत होती है। एक अलग रिपोर्ट के अनुसार, उन्हें लगता है कि Tata Sons की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है। यह फैसला Tata Sons और उन ट्रस्ट्स के बीच चल रहे विवाद के बीच आया है, जिनके पास Tata Sons की बड़ी हिस्सेदारी है।
पृष्ठभूमि
संदर्भ: टाटा ट्रस्ट्स ऐसे चैरिटेबल ट्रस्ट हैं जिनके पास Tata Sons में बड़ी हिस्सेदारी है। Tata Sons टाटा ग्रुप की मूल कंपनी है, इसलिए वहां नेतृत्व से जुड़े विवाद भारत के कारोबारी जगत में व्यापक ध्यान खींचते हैं।