सरकार गौण वन उपज के लिए MSP में बदलाव कर सकती है
केंद्र सरकार गौण वन उपज, यानी जंगल से इकट्ठा की जाने वाली चीज़ों, के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की व्यवस्था बदलने की योजना बना रही है। इसका मकसद समय-समय पर कीमतें बढ़ाना है, ताकि इस उपज पर निर्भर आदिवासी समुदायों को फायदा हो। अनुसंधान संस्था TERI से मौजूदा MSP ढांचे का अध्ययन करने और संभावित बदलावों का आकलन करने को कहा गया है।
पृष्ठभूमि
MSP, यानी न्यूनतम समर्थन मूल्य, वह निचली कीमत है जो सरकार तय करती है, ताकि बाज़ार में दाम गिरने पर बेचने वालों को सुरक्षा मिले। गौण वन उपज में शहद, तेंदू पत्ता और गोंद जैसी चीज़ें आती हैं, जिन्हें वन में रहने वाले लोग इकट्ठा करते हैं, और इनमें से कई आदिवासी परिवारों से आती हैं।