अमेरिकी फेड से महंगाई के बावजूद ब्याज दरें स्थिर रहने की उम्मीद
अमेरिकी फेडरल रिजर्व की अक्टूबर की नीति बैठक शुरू हुई है, और दर बढ़ाने की उम्मीद नहीं है। अधिकारी ऊंची महंगाई के साथ आने वाले मध्यावधि चुनावों पर भी विचार कर रहे हैं। निवेशक नए फेड अध्यक्ष केविन वॉर्श के संकेतों पर नजर रख रहे हैं ताकि आगे ब्याज दरों की दिशा का अंदाजा लग सके। यह फैसला वैश्विक बाजारों को हिला सकता है, जिसमें भारतीय शेयर और मुद्रा के दाम भी शामिल हैं।
पृष्ठभूमिअमेरिकी फेडरल रिज़र्व देश का केंद्रीय बैंक है, और उसके ब्याज दर के फैसले दुनिया भर में उधारी की लागत और पैसे के प्रवाह को प्रभावित करते हैं। जब अमेरिकी दरें बदलती हैं, तो विदेशी निवेशक अक्सर पैसा इधर-उधर करते हैं, जिससे रुपये और भारतीय शेयर बाज़ारों पर असर पड़ सकता है।
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