टैक्स रिपोर्टिंग में कमी से भारत की सॉवरेन रेटिंग पर असर पड़ सकता है
इनकम टैक्स के प्रिंसिपल डायरेक्टर जनरल देब्ज्योति दास ने चेतावनी दी कि टैक्स रिपोर्टिंग में चूक से भारत की सॉवरेन रेटिंग खतरे में पड़ सकती है। उन्होंने कहा कि इससे विदहोल्डिंग टैक्स पेनल्टी भी लग सकती है। वे मुंबई में वैश्विक वित्तीय अनुपालन पर एक समिट में बोल रहे थे, जिसका फोकस सीमा-पार रिपोर्टिंग पर था।
पृष्ठभूमि
संदर्भ: FATCA अमेरिका का कानून है और CRS एक वैश्विक मानक है। दोनों के तहत बैंकों को विदेशी खातों की जानकारी साझा करनी होती है, ताकि छिपी संपत्ति और टैक्स चोरी पर रोक लग सके। सॉवरेन रेटिंग किसी देश का क्रेडिट स्कोर होती है, जिससे यह तय होता है कि उसे कर्ज सस्ते में मिलेगा या महंगे में।