AI मॉडल एक अहम कंप्यूटिंग सिद्धांत को गलत साबित करने का दावा कर रहे हैं
पिछले हफ्ते OpenAI और Anthropic ने अलग-अलग कहा कि उनके एक-एक AI मॉडल ने एक्सपोनेंशियल टाइम हाइपोथेसिस को गलत साबित कर दिया है। इस दावे से वैज्ञानिकों के जीवन भर के काम पर असर पड़ सकता है, इसलिए उनकी प्रतिक्रिया में हैरानी और अफसोस दोनों दिखे हैं। इस खबर से सवाल उठता है कि शुद्ध शोध में AI क्या कर सकता है।
पृष्ठभूमि
संदर्भ: एक्सपोनेंशियल टाइम हाइपोथेसिस कंप्यूटर साइंस की एक पुरानी धारणा है कि कुछ कठिन समस्याएं कितनी तेज़ी से हल हो सकती हैं। इसे सिद्ध या गलत साबित करने से शोधकर्ताओं की यह समझ बदल सकती है कि कंप्यूटर कितनी कुशलता से क्या कर सकते हैं।
बर्निंग पोटैटो स्कोर: 76%