वायनाड के लिए एल नीनो के कई खतरे
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि एल नीनो वायनाड पर एक साथ कई तरह से असर डाल सकता है। उन्होंने फसल की पैदावार में कमी, पानी की किल्लत, पशुओं में ज़्यादा बीमारियाँ और दूध की कमी की ओर इशारा किया है। साथ ही जंगल में आग, इंसान और जंगली जानवरों के बीच टकराव बढ़ने, लू से जुड़ी बीमारियों और डेंगू तथा कयासनूर वन रोग का खतरा बढ़ने की बात भी कही गई है।
पृष्ठभूमि
संदर्भ: एल नीनो प्रशांत महासागर के पानी के समय-समय पर गर्म होने की प्रक्रिया है, जो अक्सर भारतीय मानसून को कमजोर कर देती है और सूखे दौर लाती है। कयासनूर वन रोग एक ऐसी बीमारी है जो किलनी के काटने से फैलती है और कर्नाटक तथा केरल के जंगल वाले इलाकों में पाई जाती है।