सरकारी कंपनी की नज़र PSU ज़मीन बिक्री से ₹5,000 करोड़ और जुटाने पर
राष्ट्रीय भूमि मुद्रीकरण निगम अब तक लगभग ₹9,000 करोड़ की ज़मीन बेच चुका है। उसे उम्मीद है कि FY27 के अंत तक चार मंत्रालयों के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों की अतिरिक्त संपत्तियों से और ₹5,000 करोड़ मिलेंगे। अतिरिक्त संपत्ति वह ज़मीन या इमारत है जिसकी इन कंपनियों को अब ज़रूरत नहीं है।
पृष्ठभूमि
संदर्भ: सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम सरकार के स्वामित्व वाली कंपनियाँ होती हैं, और जो ज़मीन वे इस्तेमाल नहीं करतीं उसे बेचना सरकार के पैसे जुटाने का एक तरीका है। ऐसी बिक्री पर आमतौर पर नज़र रखी जाती है कि सरकार के बजट लक्ष्यों के मुकाबले उससे कितनी आमदनी होती है।