चीन से रिश्ते ठंडे पड़ने पर पोलैंड का भारत की ओर रुख
भारत और पोलैंड अपना द्विपक्षीय व्यापार 6 अरब डॉलर से बढ़ाकर 10 अरब डॉलर तक ले जाने की कोशिश कर रहे हैं। व्यापार असंतुलन और रूस को बीजिंग के समर्थन से पोलैंड का मोहभंग हुआ है, इसलिए वारसॉ अपने साझेदारों की संख्या बढ़ाना चाहता है। प्रधानमंत्री मोदी ने 2024 में पोलैंड का दौरा किया था, जब दोनों देशों ने अपने रिश्तों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाया था।
पृष्ठभूमिसंदर्भ: पोलैंड मध्य यूरोप का एक देश है और यूरोपीय संघ व नाटो का सदस्य है। वह लंबे समय से चीन के साथ बड़े व्यापार घाटे में रहा है, यानी वह निर्यात से कहीं ज़्यादा आयात करता है। वारसॉ का नए साझेदार तलाशना एक बड़े साझेदार पर निर्भरता घटाने की व्यापक कोशिश को दर्शाता है।
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