हुपरी की महिला चांदी कारीगर अपनी आर्थिक आज़ादी बना रही हैं
महाराष्ट्र के कस्बे हुपरी में महिला कारीगर लगभग ₹1,000 करोड़ वाले चांदी उद्योग में काम करती हैं। यह कारोबार सौ साल से भी पुराना है। रिपोर्टों के अनुसार इन महिलाओं को कम मेहनताना मिलता है और औपचारिक नेतृत्व से उन्हें बाहर रखा जाता है, फिर भी वे अपनी आर्थिक आज़ादी की राह खुद बना रही हैं।
पृष्ठभूमि
संदर्भ: हुपरी कोल्हापुर ज़िले का एक कस्बा है, जो चांदी की कारीगरी के लिए जाना जाता है। कई पारंपरिक शिल्प महिलाओं की मेहनत पर टिके हैं, जिसे अक्सर कम पैसा मिलता है या आधिकारिक रिकॉर्ड में जगह नहीं मिलती।