क्या नो-कॉस्ट EMI सच में मुफ्त है? खरीदारों को क्या जानना चाहिए
नो-कॉस्ट EMI में खरीदार फोन की कीमत हर महीने बराबर किस्तों में चुका सकते हैं, और इसमें कोई ब्याज साफ़ दिखता नहीं। लेख का उदाहरण Rs 60,000 के फोन का है, जिसे Rs 10,000 की छह किस्तों में बाँटा गया है। लेख का तर्क है कि कोई भी पैसा मुफ्त में नहीं देता, और इस ऑफर की कीमत कोई न कोई तो चुकाता ही है।
पृष्ठभूमि
संदर्भ: नो-कॉस्ट EMI में अक्सर दुकानदार या लेंडर अपनी लागत उत्पाद की ऊँची कीमत या विक्रेता से लिए जाने वाले शुल्क के ज़रिए वसूल लेता है। भारत में बाद में भुगतान (BNPL) और कार्ड EMI योजनाएँ आम हैं, इसलिए कुल कीमत जाँचना मददगार रहता है।
बर्निंग पोटैटो स्कोर: 62%