डॉलर पाँच हफ्ते के निचले स्तर पर, सोने में तेज़ी
अमेरिकी डॉलर के पाँच हफ्ते के निचले स्तर पर आने से सोने के दाम बढ़ गए। निवेशक अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के नतीजों का इंतज़ार कर रहे हैं। कमज़ोर डॉलर का मतलब है कि दूसरी मुद्राओं का इस्तेमाल करने वाले खरीदारों के लिए सोना सस्ता हो जाता है, जिससे मांग बढ़ती है। जब बाज़ार अनिश्चित होते हैं, तब सोने को अक्सर सुरक्षित निवेश माना जाता है।
पृष्ठभूमि
संदर्भ: सोने की कीमत अमेरिकी डॉलर में तय होती है, इसलिए इसकी कीमत अक्सर डॉलर की चाल के उलट चलती है। चुनाव या वैश्विक तनाव जैसी अनिश्चितता के समय निवेशक भी सोने की ओर रुख करते हैं, और भारत में शादियों और बचत के लिए सोना बड़ी खरीदारी मानी जाती है।