केरल में आदिवासी मेंटर-टीचर की नियुक्तियाँ धीमी
केरल में आदिवासी मेंटर-टीचर की नियुक्ति की रफ़्तार धीमी है। सामाजिक कार्यकर्ताओं को चिंता है कि इस देरी से आदिवासी समुदायों के और छात्र स्कूल छोड़ सकते हैं। इस देरी ने इन समुदायों के छात्रों को लेकर फ़िक्र बढ़ा दी है।
पृष्ठभूमि
संदर्भ: केरल में आदिवासी छात्रों के बीच स्कूल छोड़ने की दर ऐतिहासिक रूप से दूसरे समूहों से ज़्यादा रही है। मेंटर-टीचर स्कूल के वे कर्मचारी हैं जिन्हें पढ़ाई में इन छात्रों की मदद करने के लिए रखा जाता है, इसलिए भर्ती में देरी सीधे उपस्थिति पर असर डाल सकती है।