कीड़ों के जीन में बदलाव से किडनी रोग का संभावित सुराग मिला
Rutgers University के शोधकर्ताओं ने छोटे गोलकृमि (roundworms) में एक जीन बदलकर इंसानी किडनी रोग के संभावित सुराग की जांच की। इस बदलाव से एक अहम प्रोटीन का स्तर सामान्य का केवल 15% रह गया, और प्रोटीन अपने निशाने तक नहीं पहुंच पाया। यह काम अभी शुरुआती चरण में है।
पृष्ठभूमि
संदर्भ: C. elegans जैसे कीड़े प्रयोगशालाओं में इसलिए इस्तेमाल होते हैं क्योंकि उनके जीन सरल होते हैं और उनका अध्ययन आसान होता है, और उनमें से कई जीन इंसानी जीन से मिलते हैं। Polycystin-2 एक ऐसा प्रोटीन है जो किडनी के एक रोग से जुड़ा है, जिसमें द्रव से भरी गांठें (cysts) बनती हैं।
बर्निंग पोटैटो स्कोर: 69%