मैसूरु की महिलाएं ऑटोरिक्शा चलाकर अपनी रोज़ी कमा रही हैं
मैसूरु की 45 महिलाओं ने परिवार के किसी पुरुष सदस्य, अक्सर पति, का सहारा खोने के बाद ऑटोरिक्शा चलाकर अपनी ज़िंदगी फिर से संवारी है। अब यही काम उनके घर की मुख्य आमदनी बन गया है। कहानी बताती है कि उन्होंने अपनी ज़िंदगी को एक-एक कदम करके दोबारा खड़ा किया।
पृष्ठभूमि
संदर्भ: भारत के कई परिवार आमदनी के लिए पति या किसी अन्य पुरुष रिश्तेदार पर निर्भर रहते हैं, इसलिए वह सहारा छूटने से आर्थिक तंगी गंभीर हो सकती है। शहरों में कमाई का एक आम तरीका ऑटोरिक्शा चलाना है।
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