CAG की AI-आधारित सरकारी ऑडिट की योजना
भारत के नियंत्रक और महालेखापरीक्षक सरकारी ऑडिट को बेहतर बनाने के लिए आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग का इस्तेमाल करने की योजना बना रहे हैं। मकसद सार्वजनिक प्रशासन में जोखिम और असामान्य बातों की पहचान और ज़्यादा सटीकता से करना है। यह तरीका डेटा-आधारित ऑडिट पर टिका है, जिसे CAG अपने काम का एक अहम कदम बता रही है।
पृष्ठभूमि
संदर्भ: CAG भारत का संवैधानिक ऑडिटर है, जो देखता है कि सरकारी पैसा कैसे खर्च होता है। ऑडिट लंबे समय से हाथ से होने वाली जाँच पर निर्भर रहे हैं, इसलिए AI टूल समस्याओं को जल्दी पकड़ने का एक नया तरीका हैं।
बर्निंग पोटैटो स्कोर: 70%