अमेरिकी मध्यावधि चुनाव भारतीयों के लिए H-1B वीज़ा नियम बदल सकते हैं
3 नवंबर को होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनाव डोनाल्ड ट्रंप के आप्रवासन एजेंडे की दिशा तय कर सकते हैं। इसमें H-1B वीज़ा और नौकरी-आधारित ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करने वाले भारतीय पेशेवरों के लिए संभावित बदलाव शामिल हैं। डेमोक्रेटिक जीत का मतलब प्रस्तावित वीज़ा सीमाओं की अधिक बारीकी से जाँच और रिपब्लिकन-समर्थित आप्रवासन योजनाओं पर धीमी कार्रवाई हो सकता है।
पृष्ठभूमि
संदर्भ: H-1B एक अमेरिकी कार्य वीज़ा है, जिसे कई भारतीय सॉफ़्टवेयर इंजीनियर और दूसरे कुशल कर्मचारी इस्तेमाल करते हैं, जबकि ग्रीन कार्ड स्थायी निवास देता है। हर नई कांग्रेस और प्रशासन इन नियमों को बदल सकता है, इसलिए चुनाव के नतीजे आवेदकों के लिए मायने रखते हैं।