विश्व स्ट्रोक दिवस: अब युवाओं में भी स्ट्रोक का खतरा
विश्व स्ट्रोक दिवस के मौके पर MGM Healthcare ने एक walkathon आयोजित किया, और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री Nadda ने नागरिकों से स्ट्रोक के चेतावनी संकेत पहचानना सीखने का आग्रह किया। रिपोर्टों के अनुसार, स्ट्रोक को अब सिर्फ बुढ़ापे की बीमारी नहीं माना जा सकता, क्योंकि यह युवाओं को भी प्रभावित कर रहा है। इन आयोजनों का उद्देश्य जागरूकता बढ़ाना है ताकि लक्षणों की पहचान जल्दी हो सके।
पृष्ठभूमि
संदर्भ: स्ट्रोक तब होता है जब दिमाग के किसी हिस्से में खून की आपूर्ति रुक जाती है, और जल्दी इलाज से स्थायी नुकसान कम किया जा सकता है। विश्व स्ट्रोक दिवस हर साल 29 अक्टूबर को रोकथाम और शुरुआती संकेतों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए मनाया जाता है।