भारत धरती की गहराई की गर्मी से साफ बिजली बनाने की खोज में
भारत जियोथर्मल ऊर्जा का उपयोग करने पर काम कर रहा है, यानी धरती के गहरे हिस्से में जमा गर्मी से बिजली बनाना, जो दिन और रात दोनों समय चल सके। इसकी अनुमानित क्षमता 10.6 GW है। जुलाई 2026 में लद्दाख की पुगा घाटी में पहले दो जियोथर्मल कुएं शुरू किए गए। सरकार गुजरात, अरुणाचल प्रदेश और तेलंगाना की पायलट परियोजनाओं को भी समर्थन दे रही है।
पृष्ठभूमि
संदर्भ: सूरज डूबने या हवा रुकने पर सोलर और पवन ऊर्जा बंद हो जाती है, इसलिए देश स्थिर स्रोतों की तलाश करते हैं। जियोथर्मल संयंत्र प्राकृतिक भूमिगत गर्मी का उपयोग करते हैं और आइसलैंड तथा न्यूज़ीलैंड जैसी जगहों पर पहले से चल रहे हैं।