परीक्षा सुधार समिति को अधिक समय, अब समय-सीमा जनवरी 2027
केंद्र सरकार ने नंदन नीलेकणि की अगुवाई वाली परीक्षा सुधार कार्य बल की समय-सीमा जनवरी 2027 तक बढ़ा दी है। छह सदस्यीय समिति को 50,000 से अधिक सुझाव मिले हैं और उसने पूर्व ISRO प्रमुख K Radhakrishnan से भी सलाह ली है। इसके दायरे में पेपर लीक रोकने के उपायों की सिफारिश करना शामिल है, जो देशभर के छात्रों की चिंता का विषय है।
पृष्ठभूमि
संदर्भ: नंदन नीलेकणि एक प्रसिद्ध भारतीय टेक उद्यमी और Infosys के सह-संस्थापक हैं। स्कूल और भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक भारत में बार-बार उठने वाली चिंता रही है, इसलिए इस समिति का काम छात्रों और अभिभावकों के लिए मायने रखता है।
बर्निंग पोटैटो स्कोर: 58%