कर विभाग ने चैरिटी ट्रस्ट के विलय के नियम सख्त किए
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने यह अनिवार्य कर दिया है कि जो चैरिटी ट्रस्ट किसी दूसरे पंजीकृत गैर-लाभकारी संगठन में विलय करेंगे, वे तय समयसीमा के भीतर आयकर विभाग को सूचना दें। विलय करने वाले समूहों को अपने खातों का ऑडिट भी कराना होगा और विलय की वजह बतानी होगी। नियमों में उद्देश्य बदलने पर पांच साल की रोक भी लगाई गई है।
पृष्ठभूमि
संदर्भ: भारत में चैरिटी ट्रस्टों को अक्सर कर छूट मिलती है, और आयकर विभाग यह जांचता है कि पैसा तय धर्मार्थ उद्देश्य में ही इस्तेमाल हो। सख्त विलय नियम इसी चल रही निगरानी का हिस्सा हैं।
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