तमिलनाडु में मजबूत मानसून न आने पर पानी का संकट हो सकता है
तमिलनाडु के 15 बड़े सिंचाई जलाशयों में अब उनकी कुल क्षमता का लगभग एक-तिहाई पानी है। पिछले साल इसी समय वे लगभग 92 प्रतिशत भरे थे। रिपोर्ट चेतावनी देती है कि अगर उत्तर-पूर्वी मानसून इन्हें भरने लायक बारिश नहीं लाता, तो पानी का संकट पैदा हो सकता है।
पृष्ठभूमि
संदर्भ: उत्तर-पूर्वी मानसून अक्टूबर से दिसंबर के बीच तमिलनाडु की ज़्यादातर बारिश लाता है, और इसी से जलाशय भरते हैं जो पीने के पानी और खेती की सिंचाई में काम आते हैं। इतनी कम जमा मात्रा का मतलब है कि अगर बारिश कम हुई तो बचाव के लिए बहुत कम गुंजाइश होगी।