IIT गुवाहाटी और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स चिप कौशल केंद्र की योजना बना रहे हैं
IIT गुवाहाटी ने टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं, ताकि सेमीकंडक्टर शिक्षा के लिए एक उत्कृष्टता केंद्र बनाया जा सके। इस साझेदारी का मकसद ऐसे कोर्स तैयार करना है जो उद्योग की जरूरतों से मेल खाएं। इसके जरिए इस क्षेत्र के लिए कुशल पेशेवर तैयार करने की भी योजना है।
पृष्ठभूमि
संदर्भ: सेमीकंडक्टर फोन, कार और कंप्यूटर के अंदर लगने वाली छोटी चिप होते हैं, और सरकार के सेमीकंडक्टर मिशन के तहत भारत अपना चिप उद्योग बना रहा है। कुशल इंजीनियरों की कमी एक बड़ी बाधा है, इसलिए विश्वविद्यालय चिप कंपनियों के साथ साझेदारी कर रहे हैं।
बर्निंग पोटैटो स्कोर: 67%