सस्ता खाड़ी तेल भारत को रूसी कच्चे तेल से दूर ले जा रहा है
खाड़ी देशों के तेल सौदे अब भारत के लिए रूसी आपूर्ति से ज़्यादा आकर्षक होते जा रहे हैं, जबकि समुद्री माल भाड़ा लगातार बढ़ रहा है। फ्रेट यानी समुद्र के रास्ते सामान ढोने की लागत होती है, और यह ईंधन की कीमत पर असर डालती है।
पृष्ठभूमि2022 के बाद, जब पश्चिमी प्रतिबंधों ने मॉस्को को एशियाई खरीदारों को सस्ता तेल देने पर मजबूर किया, तब रूस ने भारत को रियायती दर पर कच्चा तेल बेचा। सऊदी अरब और UAE जैसे खाड़ी देश लंबे समय से भारत के प्रमुख पारंपरिक तेल आपूर्तिकर्ता रहे हैं।
Bloomberg.com पर पढ़ें (अंग्रेज़ी)
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