कोडुंगैयूर इंसिनरेटर योजना पर जलवायु को लेकर नई जांच
कोडुंगैयूर इंसिनरेटर की योजनाओं पर उनके जलवायु पर पड़ने वाले खर्च को लेकर फिर से सवाल उठ रहे हैं। एक हालिया अध्ययन ने ऐसी सुविधाओं में बनी बिजली में कार्बन की मात्रा पर सवाल उठाया है। कार्बन तीव्रता का मतलब है कि बिजली की हर इकाई बनाने में कितनी कार्बन डाइऑक्साइड निकलती है।
पृष्ठभूमिकोडुंगैयूर उत्तर चेन्नई का एक इलाका है, जहां शहर का कचरा प्रोसेस किया जाता है। भारतीय शहरों में कचरे से ऊर्जा बनाने वाले इंसिनरेटर एक विवादित विकल्प हैं, क्योंकि ये कचरा कम करते हैं पर उत्सर्जन भी छोड़ सकते हैं।
The Hindu: National पर पढ़ें (अंग्रेज़ी)
बर्निंग पोटैटो स्कोर: 64%