तमिलनाडु में यूरोलॉजिस्ट इमरजेंसी में कैजुअल्टी मेडिकल ऑफिसर के रूप में काम कर रहे
तमिलनाडु के कई सरकारी अस्पतालों में यूरोलॉजिस्ट अपने विषय में खाली पदों की कमी के कारण इमरजेंसी विभागों में कैजुअल्टी मेडिकल ऑफिसर का काम कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार कई सालों से यूरोलॉजी के नए पद नहीं बनाए गए हैं। कई सरकारी मेडिकल कॉलेजों में केवल एक यूरोलॉजिस्ट है, और कुछ जिलों में यूरोलॉजी की सेवाएं ही नहीं हैं।
पृष्ठभूमि
संदर्भ: यूरोलॉजी चिकित्सा की वह शाखा है जो मूत्र मार्ग और उससे जुड़ी बीमारियों का इलाज करती है, और कैजुअल्टी वार्ड चौबीसों घंटे इमरजेंसी मरीजों को संभालते हैं। जब विशेषज्ञ पद खाली रहते हैं, तो डॉक्टरों को अक्सर दूसरी भूमिकाओं में लगाया जाता है, जिससे मरीजों को सही इलाज मिलने की रफ्तार पर असर पड़ सकता है।