चित्तूर और अन्नमय्या के किसानों पर अब भी सूखे का संकट
लगातार आए चक्रवातों से भी चित्तूर और अन्नमय्या जिलों के किसान परिवारों का लंबा सूखा खत्म नहीं हुआ है। मौसमी बारिश औसत से कम है, भूजल स्तर पर भारी दबाव है, और रबी की बुवाई का समय तेजी से नजदीक आ रहा है। दोनों जिलों के हजारों परिवार इससे प्रभावित हैं।
पृष्ठभूमि
संदर्भ: रबी मौसम सर्दियों की फसल का समय है, जब मानसून के बाद गेहूं और सरसों जैसी फसलें बोई जाती हैं। चक्रवात अक्सर भारी बारिश लाते हैं, लेकिन खेतों को समय के साथ लगातार बारिश की जरूरत होती है, इसलिए अकेले तूफान शायद मदद न करें।