मद्रास हाई कोर्ट में ईरानी महिला को वीज़ा की स्पष्टता चाहिए
पेगाह अंसारी, 30 वर्षीय ईरानी महिला, ने मद्रास हाई कोर्ट से पूछा है कि X-Miscellaneous वीज़ा लेने की प्रक्रिया क्या है। उनका कहना है कि भारत में ज़्यादा समय तक रुकने के एक आपराधिक मामले में ज़मानत मिलने के बाद भी उन्हें तिरुचि में विदेशियों के लिए बने एक विशेष कैंप में रखा गया। उनकी याचिका से यह सवाल उठता है कि रिहाई के बाद विदेशियों के साथ कैसा व्यवहार होता है।
पृष्ठभूमि
संदर्भ: भारत में ज़्यादा समय तक रुकने वाले विदेशियों पर आपराधिक मामले बन सकते हैं, और उनकी स्थिति जाँचे जाने तक उन्हें विशेष कैंप में रखा जा सकता है। X-Miscellaneous वीज़ा भारतीय वीज़ा की एक श्रेणी है, इसलिए कोर्ट का रुख बता सकता है कि ऐसे मामले कैसे संभाले जाते हैं।