ग्रीन पटाखों को दिवाली के ग्राहकों का भरोसा नहीं मिल रहा
व्यापारियों का कहना है कि लाइसेंस में देरी के कारण इस त्योहारी सीज़न में पटाखे बेचने का समय कम मिला है। ग्रीन पटाखों को लेकर भ्रम बना हुआ है, क्योंकि ग्राहक अब भी पारंपरिक पटाखों जैसी तेज़ आवाज़ की उम्मीद कर रहे हैं। दुकानदारों के पास बेचने के लिए कम समय बचा है, और ग्राहकों को नए विकल्प से क्या उम्मीद रखनी चाहिए, इसकी उन्हें साफ़ समझ नहीं है।
पृष्ठभूमि
संदर्भ: ग्रीन पटाखे पारंपरिक पटाखों का शांत और कम प्रदूषण वाला विकल्प हैं, जिसे भारत ने हाल के वर्षों में बढ़ावा दिया है। दिवाली को तेज़ पटाखों से गहराई से जोड़ा जाता है, और कई व्यापारी अपनी साल भर की ज़्यादातर बिक्री इसी छोटे से सीज़न में करते हैं।