पोलैंड में न्यायिक संकट क्यों है
Mr. Tusk 2023 में सत्ता में लौटे और PiS के सुधारों को पलटने का वादा किया था। लेकिन राष्ट्रपति Nawrocki और उनके पूर्ववर्ती Andrzej Duda, दोनों PiS के समर्थक हैं और दोनों के पास वीटो का अधिकार है, इसलिए कोई भी कानून पास कराना लगभग नामुमकिन हो गया है। Nawrocki ने कुछ नई नियुक्तियों को शपथ दिलाने से भी इनकार किया है, और यही न्यायिक संकट का एक अहम हिस्सा है।
पृष्ठभूमि
संदर्भ: Law and Justice (PiS) ने 2015 से 2023 तक पोलैंड पर शासन किया और ऐसे न्यायिक सुधार पास किए, जिन्हें EU और कई आलोचकों ने अदालतों की स्वतंत्रता कमजोर करने वाला माना। उसके बाद से Mr. Tusk की सरकार इन सुधारों को पलटने में संघर्ष कर रही है, जबकि PiS के समर्थक अब भी अहम पदों पर बने हुए हैं।