नौकरी जाने के बाद भारी लोन और EMI का बोझ
₹40 lakh सालाना कमाने वाले एक व्यक्ति की नौकरी चली गई है और अब उस पर बड़े लोन हैं, जिनमें ₹2 crore का होम लोन और ₹30 lakh का पर्सनल लोन शामिल है। घर में बच्चे के आने वाला है और उसकी बचत सिर्फ दो महीने की बची है, इसलिए हर महीने की किस्तें चुकाना उसके लिए मुश्किल हो रहा है। यह कहानी दिखाती है कि नौकरी जाने के बाद कर्ज कितनी जल्दी बड़ी समस्या बन सकता है।
पृष्ठभूमि
संदर्भ: EMI का मतलब है equated monthly instalment, यानी लोन पर हर महीने तय की गई एक निश्चित किस्त। वित्तीय सलाहकार अक्सर सुझाव देते हैं कि कुछ महीनों के खर्च जितना इमरजेंसी फंड रखा जाए, क्योंकि छंटनी अचानक हो सकती है जबकि EMI चलती रहती है।