सीतारमण ने पूंजीगत खर्च और राजकोषीय अनुशासन पर ज़ोर दिया
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि पूंजीगत व्यय, यानी लंबे समय की परिसंपत्तियों पर सरकारी खर्च, भारत की वृद्धि के लिए अहम है। HSBC के एक कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने कहा कि खर्च राजकोषीय अनुशासन के अनुसार होगा, यानी बजट घाटे पर सावधानी से नियंत्रण रखा जाएगा, और साथ ही निजी निवेश को भी प्रोत्साहित किया जाएगा।
पृष्ठभूमि
भारत के बजट में लंबे समय से विकास के लिए सार्वजनिक खर्च और उधारी की सीमाओं के बीच संतुलन की बहस चलती रही है, जो हर साल बजट से पहले और धीमी आर्थिक अवधि में फिर से उठती है। पूंजीगत व्यय वह तरीका है जिसे सरकारें अक्सर रोज़गार बढ़ाने और निजी निवेशकों को आकर्षित करने के लिए इस्तेमाल करती हैं।