भू भारती भूमि पोर्टल अभी पूरी तरह चालू नहीं
भू भारती भूमि अभिलेख पोर्टल अभी पूरी तरह से काम नहीं कर रहा है। रिपोर्टों के अनुसार भूमि लेनदेन में एक बड़ी समस्या यह है कि किसानों के पास ज़मीन पर जितना क्षेत्र है, वह सरकारी रिकॉर्ड के विवरण से मेल नहीं खाता। इस अंतर की वजह से आम मालिकों के लिए ज़मीन खरीदना, बेचना या हस्तांतरित करना मुश्किल हो सकता है।
पृष्ठभूमि
संदर्भ: भूमि अभिलेख में दर्ज रहता है कि हर प्लॉट का मालिक कौन है और वह कितना बड़ा है। किसी भी बिक्री से पहले बैंक और खरीदार इन्हीं रिकॉर्ड पर भरोसा करते हैं। जब ये रिकॉर्ड असली ज़मीन से मेल नहीं खाते, तो मालिकों को देरी और विवाद झेलने पड़ सकते हैं, और इसी समस्या को सुलझाने के लिए इस जैसे डिजिटल सिस्टम बनाए जाते हैं।