उत्तरी अफ्रीका में ग्रीन हाइड्रोजन से पानी की आपूर्ति पर दबाव बढ़ सकता है
एक नए अध्ययन में पाया गया है कि ऑस्ट्रेलिया, चिली और उत्तरी अफ्रीका के रेगिस्तानी इलाकों में ग्रीन हाइड्रोजन बनाने में उद्योग के दावे से कहीं ज्यादा पानी लगता है। इसमें समुद्री जीवन सहित पर्यावरण के गंभीर खतरों की ओर भी इशारा किया गया है, जिन्हें अब तक अनदेखा किया गया था। ये निष्कर्ष यूरोप को इस स्वच्छ ईंधन के निर्यात की योजनाओं के लिए अहम हैं।
पृष्ठभूमि
संदर्भ: ग्रीन हाइड्रोजन नवीकरणीय बिजली से पानी को तोड़कर बनाया जाता है, और इसे भारी उद्योगों और शिपिंग के लिए स्वच्छ ईंधन माना जाता है। यूरोप एक बड़ा संभावित खरीदार है, इसलिए पानी और पर्यावरण की लागत का असर लंबी अवधि की ऊर्जा योजनाओं पर पड़ता है।