अमेरिकी मध्यावधि चुनाव भारतीयों के H-1B वीज़ा नियमों को बदल सकते हैं
अमेरिका में काम कर रहे भारतीय पेशेवर मध्यावधि चुनाव के नतीजों पर नज़र रख रहे हैं, क्योंकि इनसे H-1B वर्क वीज़ा पर असर पड़ सकता है। अगर डेमोक्रेटिक पार्टी जीतती है, तो ट्रंप की आप्रवासन नीतियों की और जाँच हो सकती है। रिपब्लिकन $100,000 शुल्क को कानूनी आधार देने की कोशिश कर सकते हैं, और कांग्रेस में बदलाव से नियम अपने-आप नहीं बदलेंगे।
पृष्ठभूमि
संदर्भ: H-1B एक अमेरिकी वर्क वीज़ा है, जिसका भारत के IT और टेक कर्मचारी बड़े पैमाने पर उपयोग करते हैं। 2025 में ट्रंप प्रशासन ने नए आवेदकों के लिए $100,000 शुल्क जोड़ा था। कानून कांग्रेस बनाती है, जबकि वीज़ा नियम ज़्यादातर कार्यपालिका तय करती है, इसलिए मध्यावधि चुनाव नियमों से ज़्यादा बहस को प्रभावित करते हैं।