चित्तूर में कई हाथियों की मौत के पीछे बिजली की तारें
आंध्र प्रदेश के चित्तूर में 2015 से दर्ज हुई 49 हाथियों की मौतों में से 32 करंट लगने से जुड़ी हैं। कलेक्टर सुमित कुमार ने आदेश दिया है कि नीची लटकती बिजली की तारों वाली 150 उच्च जोखिम वाली जगहों को एक महीने में ठीक किया जाए। इस आदेश का मकसद इस इलाके में करंट से होने वाली मौतों को कम करना है।
पृष्ठभूमि
चित्तूर ऐसे इलाके में है जहां हाथी उन जगहों से गुजरते हैं जहां लोग रहते हैं, इसलिए ऊपर से गुजरने वाली तारें खतरा बन सकती हैं। भारत में प्रोजेक्ट एलिफेंट नाम की केंद्रीय योजना चलती है, जो राज्यों को हाथियों और उनके रहने की जगहों की सुरक्षा में मदद करती है।
बर्निंग पोटैटो स्कोर: 72%