सरकार का कहना है कि गोपनीयता कानून से प्रेस की आज़ादी पर रोक नहीं लगती
IT और सूचना एवं प्रसारण मंत्री ने कहा है कि गोपनीयता कानून प्रेस की आज़ादी में दखल नहीं देता। यह बयान ऐसे समय आया है जब मीडिया संगठन इस कानून को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दे रहे हैं। मंत्री के रुख से इस बहस को और बल मिला है कि निजी डेटा के नियम पत्रकारिता को कैसे प्रभावित करते हैं।
पृष्ठभूमिसंदर्भ: भारत ने 2023 में डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम पास किया था, ताकि निजी डेटा को संभालने के नियम तय हों। पत्रकारों में लंबे समय से इस पर चर्चा रही है कि डेटा नियम निजी गोपनीयता और जनता के जानने के अधिकार के बीच संतुलन कैसे बनाएं।
Times of India: India पर पढ़ें (अंग्रेज़ी)
बर्निंग पोटैटो स्कोर: 44%