समाचार संस्था ने पत्रकारों के लिए कानूनी सुरक्षा मांगी
एक समाचार संस्था ने डेटा कानून के तहत पत्रकारों के लिए कानूनी सुरक्षा की मांग की है। उसका कहना है कि यह कानून रिपोर्टिंग में रुकावट डाल सकता है।
पृष्ठभूमि
संदर्भ: भारत का डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन अधिनियम, जो 2023 में पारित हुआ, इस बात के नियम तय करता है कि कंपनियां और सरकारी संस्थाएं निजी जानकारी कैसे संभालें। पत्रकार अक्सर निजी विवरण से जुड़ा काम करते हैं, इसलिए यह कानून मीडिया के काम को कैसे देखता है, यह निजता और प्रेस की आज़ादी के बीच बहस का विषय है।
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