कार्यस्थल पर उत्पीड़न के कई मामले दफ्तर के बाहर होते हैं
एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में यौन उत्पीड़न की 40 प्रतिशत से ज्यादा घटनाएं सामान्य कार्यस्थल के बाहर होती हैं। इसमें यह भी सामने आया है कि कई कर्मचारियों को अपनी कंपनी की रोकथाम नीति के बारे में पता ही नहीं है। शिकायतें एक ऐसे माहौल की ओर इशारा करती हैं जो दफ्तर के बाहर भी लोगों को प्रभावित करता है।
पृष्ठभूमि
संदर्भ: भारतीय कानून के तहत नियोक्ताओं के लिए लिखित उत्पीड़न रोकथाम नीति और शिकायत समिति होना जरूरी है। काम से जुड़े उत्पीड़न यात्रा, क्लाइंट मीटिंग या दफ्तर के समय के बाद के कार्यक्रमों में भी हो सकते हैं, इसलिए नीतियां अक्सर सिर्फ दफ्तर तक सीमित नहीं रहतीं।