निजी व्यक्ति बिना पूर्व अनुमति भ्रष्टाचार की शिकायत दर्ज कर सकते हैं
एक न्यायाधीश ने कहा है कि कोई भी निजी व्यक्ति सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत पहले से अनुमति लिए बिना दर्ज कर सकता है। यह बात भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17A पर आधारित है, जिसका रिपोर्ट में हवाला दिया गया है। यह फैसला उन आम नागरिकों के लिए अहम है जो अधिकारियों के बारे में सीधे अपनी चिंता उठाना चाहते हैं।
पृष्ठभूमि
संदर्भ: भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम भारत का मुख्य कानून है, जो सरकारी अधिकारियों द्वारा रिश्वत और पद के दुरुपयोग के खिलाफ है। धारा 17A को 2018 में जोड़ा गया था ताकि अधिकारियों को बेवजह की जांच से बचाया जा सके, इसी वजह से पूर्व अनुमति का मुद्दा लंबे समय से बहस में रहा है।