भारत को एकीकृत शहरीकरण योजना की ज़रूरत क्यों है
एक राय-लेख का तर्क है कि भारत को एकीकृत शहरीकरण योजना की ज़रूरत है। इसमें कहा गया है कि जनगणना 2027 में 2011 की परिभाषाएं इस्तेमाल होंगी, जिससे शहरी भारत की कम गिनती और गहरा सकती है, और सुझाव है कि एक राष्ट्रीय शहरीकरण नीति इस कमी को दूर कर सकती है।
पृष्ठभूमि
संदर्भ: जनगणना हर दस साल में लोगों की गिनती करती है और इसका डेटा तय करता है कि धन और सीटें कैसे बांटी जाएंगी, इसलिए 'शहरी' की परिभाषा मायने रखती है। भारत के कई कस्बे पुरानी सीमाओं से आगे बढ़ चुके हैं, इसलिए अब ग्रामीण और शहरी इलाके आपस में घुल-मिल गए हैं।