सरकारी घाटा बजट से 1.2 लाख करोड़ रुपये ज़्यादा हो सकता है
SBI Research के अनुसार वित्त वर्ष 2026-27 में केंद्र सरकार का राजकोषीय घाटा बजट अनुमान से 1.2 लाख करोड़ रुपये ज़्यादा हो सकता है। इसकी मुख्य वजह खाद, LPG और पेट्रोलियम सब्सिडी पर बढ़ा खर्च है। रिपोर्ट के मुताबिक मज़बूत GST वसूली और विनिवेश से मिलने वाली रकम इस अतिरिक्त खर्च को पूरी तरह शायद ही पूरा कर पाए।
पृष्ठभूमि
संदर्भ: राजकोषीय घाटा वह अंतर है जो सरकार के खर्च और कमाई के बीच होता है, और यह दिखाता है कि सरकार को कितना उधार लेना पड़ेगा। सब्सिडी से ईंधन और खाद की कीमतें किसानों और परिवारों के लिए कम रहती हैं, इसलिए लागत बढ़ने पर सरकार को इन्हें स्थिर रखने के लिए ज़्यादा भुगतान करना पड़ता है।