राज्य बिजली कंपनियों के लिए ऊर्जा भंडारण अनिवार्य करने की योजना
केंद्रीय कैबिनेट ने 92 GWh ग्रिड-स्तरीय ऊर्जा भंडारण के लिए ₹14,500 करोड़ की Viability Gap Funding योजना को मंज़ूरी दी है। भारत राज्य की बिजली कंपनियों से भी ऊर्जा भंडारण क्षमता जोड़ने की माँग करेगा। भंडारण से एक समय पर बनी बिजली बाद में इस्तेमाल की जा सकती है, जिससे ग्रिड स्थिर रहता है और ज़्यादा माँग के समय बिजली आपूर्ति बनी रहती है।
पृष्ठभूमि
सोलर और पवन ऊर्जा तभी बिजली बनाती है जब धूप हो या हवा चले, इसलिए बाद में उपयोग के लिए भंडारण ज़रूरी है। ग्रिड-स्तरीय भंडारण का मतलब है मुख्य बिजली नेटवर्क से जुड़ी बड़ी बैटरी या इसी तरह की बड़ी प्रणालियाँ।